Wednesday, October 21st, 2026

कुलदीप को प्लेइंग-XI में शामिल ना करने का कोहली को कोई पछतावा नहीं

चेन्नै
भारतीय टीम को इंग्लैंड के खिलाफ सीरीज के पहले टेस्ट मैच में मंगलवार को 5वें दिन 227 रनों के बड़े अंतर से शिकस्त झेलनी पड़ी। इस मैच में भारतीय गेंदबाजी पर सवाल भी उठे जिसके सामने इंग्लैंड ने अपनी पहली पारी में 578 रन का विशाल स्कोर बना दिया था। मैच के बाद विराट कोहली ने भी गेंदबाजी उतनी बेहतर ना होने की बात कही। इस बीच विराट से पूछा गया कि चाइनामैन गेंदबाज कुलदीप यादव को प्लेइंग-XI में शामिल ना करने का उन्हें पछतावा है। कैप्टन कोहली ने इसके जवाब में कहा, 'बिलकुल नहीं। हमें इस बात का बिलकुल भी पछतावा नहीं है।'

चेपॉक स्टेडियम में भारत की यह सबसे बड़ी हार है, जिसके बाद भारत की प्लेइंग-XI को लेकर भी सवाल उठे। इस मैच में तीन स्पिनरों रविचंद्रन अश्विन, वॉशिंगटन सुंदर और शाहबाज नदीम को मौका दिया गया था। अश्विन ने जरूर प्रभावित किया और कुल 9 विकेट झटके। नदीम ने 4 विकेट तो लिए लेकिन महंगे साबित हुए। सुंदर भी उम्मीदों के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सके। दिन की शुरुआत अंग्रेजों ने बड़ी धीमी की थी। फिर रोरी बर्न्स (33) और लॉरेंस (0) का विकेट गिरने के बाद लगा कि भारतीय टीम का प्रदर्शन दिग्गजों की भविष्यवाणी के अनुसार ही है, लेकिन जो रूट और सिबली ने धांसू बैटिंग करते हुए दूसरे सत्र में पासा ही पलट दिया। रूट (128*) ने अपने 100वें टेस्ट में ऐतिहासिक शतक जड़ते हुए तमाम रेकॉर्ड अपने नाम किए तो महज 25 टेस्ट के अनुभवी डोमनिक सिबली (87) के आगे विराट की कोई चालाकी काम नहीं आई। मैच से पहले केविन पीटरसन ने कहा था कि मैच का रिजल्ट कुछ भी हो, लेकिन जिसकी सबसे अधिक चर्चा होगी वह है कोहली की कप्तानी। यह सभी के लिए हॉट टॉपिक होगा। यह होता भी दिख रहा है। रहाणे ने जिस चतुराई से ऑस्ट्रेलिया को परेशान किया था वह कोहली नहीं कर पाए। रोरी बर्न्स को आउट करने के बाद बुमराह को गेंद थमाना उनका चतुराई वाला फैसला था, लेकिन इसके अलावा वह अपनी कप्तानी की कोई छाप नहीं छोड़ सके।

इंग्लैंड के खिलाफ चेन्नै में जारी पहले टेस्ट मैच में भारत के लिए पेसर जसप्रीत बुमराह ही पहले दिन छाप छोड़ सके जिन्होंने 40 रन देकर दो विकेट लिए। उनके अलावा रविचंद्रन अश्विन ने भी एक विकेट झटका। अनुभवी ईशांत शर्मा कोई विकेट नहीं ले सके जबकि शाहबाज नदीम और वॉशिंगटन सुंदर भी पहले दिन खाली हाथ रहे। गेंदबाजों का प्रदर्शन अपेक्षा के अनुरूप नहीं होने पर कॉमेंटेटरों को कुलदीप यादव याद आए। आकाश चोपड़ा तक इस बात से हैरान दिखे कि स्टैंडबाई में आज ही शामिल किए गए शाहबाज नदीम को प्लेइंग-XI में शामिल कर लिया गया, जबकि कुलदीप कहीं बेहतर ऑप्शन हो सकते थे। अक्षर पटेल के चोट की वजह से कयास लगाया जा रहा था कि कुलदीप को जगह मिलेगी। कुलदीप के पिछले रेकॉर्डस को देखते हुए भी ये मुश्किल भी नहीं लग रहा था। कॉमेंट्री के दौरान वीवीएस लक्ष्मण ने लंच ब्रेक के दौरान ही भविष्यवाणी कर दी थी कि इसके बाद शायद ही विकेट गिरे। यह देखने को भी मिला। लक्ष्मण ने कहा कि पाटा पिच है। अगर बल्लेबाज थोड़ा भी चतुराई दिखाएगा तो विकेट नहीं गिरेगा। रोचक बात यह है कि दिन की आखिरी गेंद पर सिबले (87) LBW आउट हुए। देखा जाए तो दूसरे और तीसरे सत्र में भारतीय गेंदबाजों का एटीट्यूड भी विकेट टेकिंग नहीं रहा था। हालांकि, आखिरी सत्र में ईशांत और अश्विन कई बार गेंद को बदलने के लिए चर्चा करते जरूर दिखे।

सबसे रोचक बात यह रही कि स्पिन को मदद करने वाली पिच पर पहले दिन सबसे सफल तेज गेंदबाज रहा। जसप्रीत बुमराह ने 18.3 ओवरों में 40 रन देकर 2 विकेट झटके, जबकि अपने घरेलू मैदान पर खेल रहे आर. अश्विन की झोली में 24 ओवरों की गेंदबाजी में 68 रन खर्च करने के बाद एक विकेट ही आया। सबसे अनुभवी तेज गेंदबाज ईशांत शर्मा ने 15 ओवरों में 27 रन, शाहबाज नदीम ने 20 ओवरों में 69 रन और वॉशिंगटन सुंदर ने 12 ओवरों में 55 रन खर्च किए। इन तीनों ही गेंदबाज विकेट को तरसते दिखे। विराट ने इसके कारण के बारे में कहा, 'हमने मुकाबले में दो ऑफ स्पिनरों (अश्विन और सुंदर) को मौका दिया था। ऐसे में इन दोनों के साथ कुलदीप यादव को उतारना संभव नहीं था। अगर ऐसा करते तो फिर हमारे तीनों स्पिनर एक जैसे ही हो जाते। इसलिए तीसरे स्पिनर के तौर पर लेफ्ट आर्म स्पिनर को मौका दिया।' इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ पहला टेस्ट जीतकर 4 मैचों की सीरीज में 1-0 की बढ़त बना ली है। दोनों टीमों के बीच सीरीज का दूसरा टेस्ट मैच 13 फरवरी से चेन्नै के इसी मैदान पर खेला जाएगा।

 

#कुलदीप

Source : Agency

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